चेन्नई में सुरक्षित मिली झारखंड की लापता बच्ची, तीन दिन से थी तलाश
श्रीपेरुमबुदूर से तीन दिन पहले लापता हुई आठ साल की एक बच्ची को तमिलनाडु पुलिस ने चेन्नई में सुरक्षित ढूंढ निकाला है। बच्ची के मिलने के बाद परिजनों और पुलिस ने राहत की सांस ली है। इस मामले में पुलिस की विशेष टीमों ने व्यापक स्तर पर तलाश अभियान चलाया था।

मिली जानकारी के अनुसार, झारखंड की रहने वाली कल्पना अपनी बेटी के साथ कांचीपुरम जिले के श्रीपेरुमबुदूर के पास करुंगाझानी गांव में रहती थीं। कुछ समय पहले कल्पना दुर्गा पूजा उत्सव के लिए अपने गृह राज्य झारखंड गई थीं और अपनी बेटी को उसके पास ही छोड़ गई थीं। गत 17 अक्टूबर को अचानक बच्ची लापता हो गई थी, जिसके बाद परिजनों ने स्थानीय पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।
पुलिस की विशेष टीमों और तकनीक का इस्तेमाल
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत केस दर्ज किया और डीएसपी की अगुवाई में विशेष टीमों का गठन किया गया। तलाश के दौरान पुलिस ने ड्रोन और श्वान दस्ते (स्निफर डॉग्स) की मदद भी ली। इसके अलावा, उत्तर भारत के कुछ लोगों ने बच्ची को पोंथुर अरनेरी बस स्टॉप पर देखने की बात कही, जिसके बाद पुलिस ने 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली।
चेन्नई सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर मिली बच्ची
सार्वजनिक सूचना के आधार पर पता चला कि एक नाबालिग बच्ची चेन्नई सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर अकेली घूम रही है। रेलवे पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे सुरक्षित बचाया और चेन्नई के एक निजी देखभाल गृह में पहुंचा दिया। पूछताछ के दौरान बच्ची ने बताया कि वह अपनी मां से मिलने झारखंड जाने के लिए स्टेशन पर रुकी थी।
इस सूचना के मिलने पर श्रीपेरुमबुदूर पुलिस ने चेन्नई के निजी देखभाल गृह का दौरा किया और बच्ची की सुरक्षा व स्थिति का जायजा लिया। पुलिस अब आगे की कानूनी और तथ्यात्मक जांच में जुटी हुई है।


