दिल्ली के तीन विश्वविद्यालयों में छात्र आंदोलन और भूख हड़ताल समाप्त
राजधानी दिल्ली के तीन प्रमुख विश्वविद्यालयों में चल रहे छात्र आंदोलन और भूख हड़ताल प्रशासन के साथ बनी सहमति के बाद समाप्त हो गए हैं। छात्र संघ के प्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच हुई बैठकों में कई महत्वपूर्ण मांगों पर मुहर लगी है, जिसके बाद छात्रों ने अपना विरोध प्रदर्शन वापस ले लिया है।

जेएनयू में 17 दिन बाद खत्म हुई भूख हड़ताल
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में छात्रों का 17 दिनों से चल रहा अनशन समाप्त हो गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ 19 अक्टूबर को हुई बैठक के मिनट्स सामने आए हैं, जिसमें छात्र पदाधिकारियों के निष्कासन को रद्द करने और छात्रों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेने पर सहमति बनी है। कुलपति ने तत्काल प्रभाव से पांच छात्रों के निष्कासन को रद्द करने का निर्देश दिया है, हालांकि उन्हें तुरंत जुर्माना भरने की सलाह दी गई है। इसके अलावा, चीफ प्रॉक्टर ऑफिस के मैनुअल की समीक्षा के लिए और अन्य मुद्दों पर विचार करने के लिए समितियों का गठन किया जाएगा।
जामिया और अंबेडकर विश्वविद्यालय में भी प्रदर्शन समाप्त
जामिया मिलिया इस्लामिया में भी छात्रों का अनशन समाप्त हो गया है, जो साल 2006 से भंग पड़े छात्र संघ के चुनावों को बहाल करने की मांग को लेकर चल रहा था। इस आंदोलन के दौरान छात्रों ने निर्वाचित छात्र संघ की वापसी और सामान्य गतिविधियों को फिर से शुरू करने की मांग उठाई थी। वहीं, अंबेडकर विश्वविद्यालय दिल्ली (AUD) में भी 17 दिनों से चल रहा छात्र आंदोलन खत्म हो गया है। यहां छात्रों ने मुख्य गेट खोलने, परिसर में आवाजाही की स्वतंत्रता, बुनियादी सुविधाओं में सुधार और 11 निलंबित छात्रों की बहाली जैसी मांगें रखी थीं।
भविष्य की रूपरेखा
विश्वविद्यालयों में इन आंदोलनों के समाप्त होने से परिसरों में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। जेएनयू प्रशासन और छात्र प्रतिनिधियों की समिति विशिष्ट मांगों को आगे बढ़ाने और उनके कार्यान्वयन के तौर-तरीकों पर चर्चा करने के लिए आगामी कार्यदिवसों में फिर से बैठक करेगी। अन्य विश्वविद्यालयों में भी प्रशासनिक समितियों द्वारा छात्रों की मांगों और भविष्य के कदमों पर विचार किया जा रहा है।


