मानवाधिकार आयोग पटना में आयोजित करेगा दो दिवसीय खुली सुनवाई
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) द्वारा पटना में दो दिवसीय ‘खुली सुनवाई और कैंप बैठक’ का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें बिहार राज्य से संबंधित मानवाधिकार उल्लंघन के मामलों की सुनवाई की जाएगी। इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया में संबंधित राज्य अधिकारियों और शिकायतकर्ताओं को उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं। आयोग इस प्रकार की खुली अदालतों और बैठकों का आयोजन वर्ष 2007 से विभिन्न राज्यों में करता आ रहा है ताकि पीड़ितों को न्याय पाने में आसानी हो और उन्हें नई दिल्ली न जाना पड़े।

दो दिनों तक होगी मामलों की सुनवाई
कार्यक्रम के पहले दिन यानी 7 अक्टूबर को आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति वी रामसुब्रह्मण्यम और सदस्य न्यायमूर्ति विद्युत रंजन सारंगी तथा विजया भारती সयानी की पूर्ण पीठ शिकायतकर्ताओं और अधिकारियों की मौजूदगी में मामलों की सुनवाई करेगी। इसके अगले दिन यानी 8 अक्टूबर को दो अलग-अलग बेंच मामलों का निपटारा करेंगी। अध्यक्ष की बेंच बंधुआ मजदूरी से जुड़े मामलों की सुनवाई करेगी, जबकि दूसरी बेंच अन्य शिकायतों और अनुपालन मामलों को देखेगी।
इन प्रमुख मुद्दों पर होगी चर्चा
अपने दो दिवसीय प्रवास के दौरान आयोग लगभग 70 मामलों की सुनवाई करेगा। इनमें निम्नलिखित प्रमुख मुद्दे शामिल हैं:

- सरकारी स्कूलों में परोसे जाने वाले खराब और जहरीले मध्याह्न भोजन (mid-day meal) के कारण छात्रों के बीमार पड़ने के मामले
- स्कूल भवनों के निर्माण से जुड़ी समस्याएं
- बंधुआ मजदूरी और पुलिस निष्क्रियता या ज्यादती के प्रकरण
- स्कूली छात्रों और अन्य नागरिकों की मृत्यु से जुड़े मामले
नागरिक समाज और अधिकारियों के साथ बैठक
सुनवाई के अलावा, आयोग के सदस्य विभिन्न नागरिक समाज संगठनों, बुद्धिजीवियों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के साथ भी संवाद करेंगे। अंतिम दिन के सत्र में राज्य के वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें बिहार से जुड़े विभिन्न गंभीर मानवाधिकार मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। पटना में इस तरह का पिछला कैंप वर्ष 2016 में आयोजित किया गया था।


