ज्ञानेश कुमार को हटाने की सुगबुगाहट: ओम बिरला बोले, नियमों से होगी महाभियोग प्रस्ताव की परख
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने स्पष्ट किया है कि यदि विपक्ष देश के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कोई नया महाभियोग प्रस्ताव लाता है, तो उसकी जांच पूरी तरह से नियमों और निर्धारित प्रक्रियाओं के तहत की जाएगी। मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं के चलते विपक्ष द्वारा चुनाव आयोग प्रमुख को हटाने की मांग लगातार जोर पकड़ रही है।

महाभियोग प्रस्ताव और पिछले प्रयास
विपक्षी दलों द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के लिए इससे पहले भी दो बार प्रयास किए जा चुके हैं। इनमें से पहले प्रयास के नोटिस को लोकसभा और उच्च सदन दोनों में खारिज कर दिया गया था, जबकि दूसरे प्रयास से जुड़े नोटिस अभी भी उच्च सदन में विचाराधीन और लंबित हैं। मीडिया से बातचीत के दौरान जब एक और नए महाभियोग प्रस्ताव की संभावना पर सवाल किया गया, तो लोकसभा अध्यक्ष ने दोहराया कि संसद में हर कार्रवाई और नया नोटिस मिलने पर नियम-कायदों के मुताबिक ही कदम उठाए जाएंगे।
विवाद और विरोध प्रदर्शन
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ पिछले दो हफ्तों से विरोध प्रदर्शनों में काफी तेजी आई है। विपक्षी दलों का मुख्य आरोप मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य में गड़बड़ी का है, जिसके चलते वे लगातार इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। यह विवाद तब और अधिक बढ़ गया जब एक रिपोर्ट में सामने आया कि अन्य चुनाव आयुक्तों, सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले दस महीनों के दौरान एसआईआर से संबंधित फैसलों तथा आदेशों पर कम से कम 14 बार अपनी आपत्तियां दर्ज कराई थीं। इन सदस्यों का यह भी आरोप था कि संबंधित आदेश उनकी जानकारी या उचित सिफारिश के बगैर ही जारी किए गए थे, जिससे चुनाव आयोग के कामकाज पर सवाल खड़े हो रहे हैं।


