पोस्ट ऑफिस आरडी और पीपीएफ: जानिए 10,000 रुपये की मासिक बचत पर कहां मिलेगा अधिक रिटर्न
केंद्र सरकार समर्थित छोटी बचत योजनाओं में निवेश करना हमेशा से सुरक्षित माना जाता है, जिसमें पोस्ट ऑफिस रिकरिंग डिपॉजिट (आरडी) और पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ) प्रमुख विकल्प हैं। ये दोनों ही योजनाएं लंबी अवधि के लिए सुरक्षित और गारंटीड रिटर्न प्रदान करती हैं, लेकिन इनकी ब्याज दरें, निवेश अवधि और कर नियम अलग-अलग होते हैं।

ब्याज दरें और चक्रवृद्धि का अंतर
मौजूदा समय में पोस्ट ऑफिस आरडी पर सालाना 6.7 प्रतिशत की दर से ब्याज मिल रहा है, जिसकी गणना तिमाही आधार पर चक्रवृद्धि ब्याज के रूप में होती है। वहीं दूसरी ओर, पीपीएफ पर वार्षिक चक्रवृद्धि के हिसाब से ब्याज दिया जाता है। छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में सरकार द्वारा समय-समय पर संशोधन किया जाता है।
10,000 रुपये की मासिक बचत पर तुलना
यदि कोई व्यक्ति दोनों में से किसी भी योजना में प्रति माह 10,000 रुपये का निवेश करता है, तो एक साल में कुल निवेश 1.20 लाख रुपये होगा। इस प्रकार 15 वर्षों की कुल निवेश राशि 18 लाख रुपये तक पहुंच जाएगी। वर्तमान ब्याज दरों के आधार पर गणना करें तो दोनों योजनाओं की परिपक्वता राशि में अंतर देखने को मिलता है।
यदि पीपीएफ खाते में 15 वर्षों तक कुल 18 लाख रुपये का निवेश किया जाता है, तो योजना के नियमों के तहत निवेशक को लगभग 32.55 लाख रुपये मिलने की संभावना होती है। इसके विपरीत, यदि समान राशि को पोस्ट ऑफिस आरडी योजना में निवेश किया जाए, तो परिपक्वता पर लगभग 24.22 लाख रुपये प्राप्त होते हैं।
अन्य मुख्य विशेषताएं और नियम
पीपीएफ और आरडी दोनों ही निवेशकों को लोन और अन्य वित्तीय सुविधाएं प्रदान करती हैं। पीपीएफ में अधिकतम 15 साल की अवधि मिलती है जिसे आगे बढ़ाया जा सकता है, जबकि आरडी की शुरुआती अवधि 5 साल होती है जिसे आगे और बढ़ाया जा सकता है। निवेशकों को अपनी वित्तीय जरूरतों और लक्ष्यों के अनुसार सही योजना का चुनाव करना चाहिए।


