राहुल गांधी ने लॉन्च किया डिजिटल सत्याग्रह प्लेटफॉर्म, विरोध प्रदर्शनों को एकजुट करने की पहल
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने देश भर में चल रहे विभिन्न विरोध प्रदर्शनों को एकजुट करने के उद्देश्य से ‘सत्याग्रह’ नाम से एक नया डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान में सत्य का दमन किया जा रहा है और इसे रोकना उनकी जिम्मेदारी है। यह डिजिटल मंच महात्मा गांधी की जयंती के ठीक बाद शुरू किया गया है ताकि अन्याय के खिलाफ संघर्ष कर रहे लोगों को सहायता मिल सके।

अलग-अलग आवाजों को एक मंच पर लाने की पहल
कांग्रेस सांसद ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए बताया कि देश के विभिन्न हिस्सों में लोग अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन उनमें से कई अकेले ही यह लड़ाई लड़ रहे हैं। इस वर्ग में छात्र, जेन-जी, किसान, आदिवासी, दलित और महिलाएं शामिल हैं, जिनकी अपनी अलग परेशानियां और संघर्ष की कहानियां हैं। अकेले उठने वाली आवाज को अक्सर दबा दिया जाता है, और यही कारण है कि ‘सत्याग्रह’ प्लेटफॉर्म इन बिखरी हुई आवाजों को एक साथ जोड़ने का काम करेगा।
महात्मा गांधी के विचारों का किया जिक्र
अपने संबोधन और पोस्ट में महात्मा गांधी को याद करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि बापू ने हमेशा यही सिखाया था कि सत्य सबसे बड़ा हथियार है, लेकिन सत्य के साथ एकजुट होकर खड़े रहना उससे भी अधिक ताकतवर होता है। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि यदि वे किसी भी प्रकार के अन्याय के खिलाफ लड़ रहे हैं, तो वे अपनी बात इस मंच पर साझा कर सकते हैं। इसके माध्यम से लोगों को यह भी पता चलेगा कि उनकी तरह अन्य कौन लोग अपनी हक की लड़ाई लड़ रहे हैं।
दो मिनट में साझा कर सकते हैं अपनी कहानी
इस नए डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लोग केवल दो मिनट का समय निकालकर अपनी विरोध प्रदर्शन की कहानी या संघर्ष को साझा कर सकते हैं। प्लेटफॉर्म का मुख्य मकसद लोगों को अकेला महसूस न होने देना और उनके विरोध को एक बड़ी पहचान देना है।


