उत्तराखंड: फोन हैकिंग के विरोध में कांग्रेस विधायक की आत्मदाह की चेतावनी
उत्तराखंड के हल्द्वानी से कांग्रेस विधायक सुमित हृदयेश ने एक सक्रिय गिरोह द्वारा नेताओं और उनके परिवारों के फोन हैक किए जाने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो वे आगामी विधानसभा सत्र के दौरान आत्मदाह कर लेंगे।

फोन टैपिंग और राजनीतिक नुकसान की आशंका
हल्द्वानी में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान विधायक ने दावा किया कि एक गिरोह राजनीतिक लाभ हासिल करने के लिए नेताओं के फोन पर नजर रख रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह जैसे प्रमुख नेताओं के फोन टैप किए जा रहे हैं। उनका कहना था कि यदि इन निजी बातचीत का विवरण लीक होता है, तो चुनावों के दौरान राजनीतिक साजिश रची जा सकती है।
पुलिस शिकायत और परिवार की सुरक्षा पर चिंता
विधायक ने खुलासा किया कि उन्होंने पिछले साल 24 अप्रैल को इस सिलसिले में दो लोगों के खिलाफ औपचारिक पुलिस शिकायत दर्ज कराई थी, जिन्हें उन्होंने थोड़े समय के लिए अपना फोन दिया था। हालांकि, उनका आरोप है कि इस शिकायत पर पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके अलावा, उन्होंने अपनी पत्नी और पंद्रह वर्षीय बेटी की सुरक्षा को लेकर भी गहरी चिंता व्यक्त की है।
हरीश रावत की प्रतिक्रिया
इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को बेहद चिंताजनक करार दिया। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में सक्रिय लोगों के लिए ऐसी स्थितियां असहज और चुनौतीपूर्ण हो सकती हैं। साथ ही, उन्होंने सुमित हृदयेश से इस मुश्किल घड़ी में धैर्य और साहस के साथ मुकाबला करने की अपील करते हुए पार्टी का पूरा समर्थन देने की बात कही है।


