वईगाई सुपरफास्ट एक्सप्रेस ने तय किया 430 किलोमीटर का सफर, वंदे भारत के बराबर पहुंची रफ्तार
वईगाई सुपरफास्ट एक्सप्रेस ने शुरुआती बाधाओं और देरी के बावजूद हाल ही में एक शानदार सफर पूरा करते हुए अपनी तेज रफ्तार का परिचय दिया है। इस ट्रेन ने चेनपट्टू से मदुरै के बीच की 430 किलोमीटर की लंबी दूरी महज पांच घंटे और पैंतीस मिनट में तय कर ली। इस दौरान ट्रेन की गति वंदे भारत एक्सप्रेस के लगभग बराबर दर्ज की गई।

शुरुआती देरी और पटरियों का काम
दक्षिणी रेलवे द्वारा संचालित यह ट्रेन निर्धारित समय से थोड़ी देर से रवाना हुई थी। मार्ग में रखरखाव के कामों और अन्य बाधाओं के कारण ट्रेन को कुछ समय के लिए और विलंब का सामना करना पड़ा था। हालांकि, ट्रेन के चालक दल और रेलवे नियंत्रण अधिकारियों के आपसी तालमेल के चलते इस समय की भरपाई कर ली गई और गाड़ी ने अपनी निर्धारित रफ्तार पकड़ ली।
यात्रियों और सफर से जुड़े अहम बिंदु
सफर के दौरान अधिकांश हिस्सों में ट्रेन की गति 110 किलोमीटर प्रति घंटे के आसपास बनी रही। केवल मदुरै के पास चल रहे कुछ निर्माण कार्यों के कारण गति धीमी करनी पड़ी थी। यात्रा के जानकारों के अनुसार, अन्य प्रमुख ट्रेनों की तुलना में वईगाई एक्सप्रेस का यह सफर बेहद असाधारण रहा, जिसमें इसने अपनी क्षमता का बेहतरीन प्रदर्शन किया।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और अन्य रिकॉर्ड
यह ट्रेन भारतीय रेलवे के इतिहास में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां अपने नाम कर चुकी है। इसे पहली बार अगस्त 1977 में शुरू किया गया था। अपने शुरुआती दौर में यह मीटर-गेज ट्रैक पर 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ने वाली देश की पहली ट्रेन थी। इसके अलावा, इसमें पहली बार मीटर-गेज में पैंट्री कार और वातानुकूलित कोच जैसी सुविधाएं जोड़ी गई थीं। समय के साथ इसमें आधुनिक एलएचबी कोच भी शामिल किए गए, जिससे यात्रियों का सफर और अधिक आरामदायक हो गया है।