केरल सरकार की डिजिटल मंचों पर महिलाओं की सुरक्षा के लिए कड़े कानून लाने की तैयारी
केरल सरकार इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपमानजनक बर्ताव और उत्पीड़न को रोकने के लिए एक नए और विशेष कानून लाने पर विचार कर रही है। राज्य के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने स्पष्ट किया है कि इस तरह के अपराधों से निपटने के लिए फिलहाल लागू कानूनी प्रावधान पूरी तरह प्रभावी नहीं साबित हो रहे हैं। इसी कमी को दूर करने के लिए सरकार अब सख्त कदम उठाने जा रही है।

मौजूदा कानूनों को बताया गया नाकाफी
एक संगोष्ठी के उद्घाटन अवसर पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सोशल मीडिया पर महिलाओं को निशाना बनाकर की जाने वाली आपत्तिजनक टिप्पणियों और हमलों को रोकने के लिए वर्तमान नियम नाकाफी हैं। उन्होंने जानकारी दी कि नए प्रस्तावित कानून के सभी कानूनी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है, ताकि ऑनलाइन माध्यमों से महिलाओं का अपमान करने वालों को सीधे जेल भेजा जा सके। सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि डिजिटल दुनिया में किसी भी महिला को अपमान का सामना न करना पड़े।
हितधारकों की राय से तैयार होगी नई नीति
महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में नई महिला नीति के गठन पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘मकल्कोप्पम’ पहल के जरिए तैयार की जा रही यह नई नीति देश भर के अन्य राज्यों के लिए एक बेहतरीन उदाहरण बन सकती है। आम तौर पर सरकारें खुद नीतियां बनाकर जनता पर लागू करती हैं, लेकिन इस बार समाज के विभिन्न वर्गों और हितधारकों के सुझावों को शामिल करके ही अंतिम नीति तैयार की जाएगी।


