Phulet Village Disaster: ढाई घंटे पैदल चलकर आपदाग्रस्त फुलेत पहुंचे डीएम, सुनी ग्रामीणों की समस्याएं
मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिलाधिकारी सविन बंसल शुक्रवार को पूरे प्रशासनिक अमले के साथ आपदाग्रस्त दुर्गम गांव फुलेत और छमरौली पहुंचे।
सरकार के प्रथम रिस्पांडर के रूप में जनपद के सबसे दुर्गम आपदाग्रस्त क्षेत्र पहुंचे डीएम, सुनी ग्रामीणों की समस्याएं।

फुलेत, छमरोली, सिमयारी, सिल्ला, क्यारी, सिरोना, गांव की पगडंडी, खेत घुम पहुंच डीएम ने जाना 4 हज़ार आपदा प्रभावित आबादी का दर्द।
हेली का विकल्प छोड़; दुर्गम रास्तों से पैदल तथा सड़क मार्ग से सफर कर आपदा से हुए नुकसान का लिया जायजा।

ग्रामीण के आग्रह पर डीएम ने ग्रामीणों संग किया भोजन।
सरकार, प्रशासन हरहाल में प्रभावितों के साथ: डीएम
दिया हर संभव सहायता का भरोसा।

देहरादून। मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिलाधिकारी सविन बंसल शुक्रवार को पूरे प्रशासनिक अमले के साथ आपदाग्रस्त दुर्गम गांव फुलेत और छमरौली पहुंचे। जिला मुख्यालय से करीब 40 किमी कठिन सड़क मार्ग और उसके बाद 12 किमी पैदल सफर तय कर डीएम ने प्रभावित गांवों—फुलेत, छमरौली, सिमयारी, सिल्ला, क्यारी और सिरोना का दौरा किया।
ग्रामीणों की समस्याएं सुनते हुए डीएम ने कहा कि इस कठिन घड़ी में पूरा प्रशासन उनके साथ खड़ा है और हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। आज़ादी के बाद पहली बार किसी डीएम को अपने बीच देखकर ग्रामीण भावुक हो उठे और प्रशासन का आभार जताया।
प्रभावितों के बीच बैठकर भोजन, भरोसा दिलाया हर संभव मदद का
ग्रामीणों के आग्रह पर डीएम ने उनके साथ भोजन भी किया और आश्वस्त किया कि सरकार और प्रशासन हर हाल में प्रभावित परिवारों के साथ है। उन्होंने क्षति के आकलन और मुआवजे की प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए।
मौके पर दिए गए मुख्य निर्देश:
👉🏻 क्षति आकलन व मुआवजा: तहसीलदार, कृषि व उद्यान विभाग के अधिकारी, जेई लोनिवि और सिंचाई विभाग के अधिकारी अंतिम व्यक्ति तक मुआवजा वितरण पूरा होने तक मौके पर ही तैनात रहेंगे।
👉🏻 भवन क्षति रिपोर्ट: लोनिवि के अधिकारियों को तकनीकी रिपोर्ट तत्काल प्रस्तुत करने के निर्देश।
👉🏻 रास्ते बहाली: आपदा से क्षतिग्रस्त पैदल रास्तों को दुरुस्त करने के लिए पीएमजीएसवाई को मौके पर ही धन स्वीकृत कर कार्य शुरू करने के निर्देश।
👉🏻 सड़क मरम्मत: मालदेवता–सेरकी–सिल्ला–छमरौली–फुलेत मोटर मार्ग को दोनों ओर से जेसीबी और पाकलैंड मशीन लगाकर जल्द से जल्द सुचारु करने के आदेश।
👉🏻 शिक्षा सुविधाएं: छमरौली प्राथमिक विद्यालय और राइका भगद्वारा खाल तक क्षतिग्रस्त पैदल मार्ग, शौचालय, पेयजल व शिक्षकों की समस्याओं का समाधान करने हेतु डीईओ व बीईओ को तत्काल निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश।
👉🏻 सिंचाई व पेयजल: क्षतिग्रस्त नहरों, गूलों और पेयजल लाइनों की त्वरित मरम्मत करने के निर्देश।
👉🏻 राशन आपूर्ति: प्रभावित गांवों तक हेलीकॉप्टर या खच्चरों की मदद से शीघ्र राशन पहुंचाने का आश्वासन।
किसानों की समस्या पर विशेष ध्यान
ग्रामीणों ने बताया कि आपदा से खेतों और नगदी फसलों—हल्दी, अदरक, मिर्च, मटर आदि—को भारी नुकसान हुआ है। सड़क क्षतिग्रस्त होने से फसलें मंडी तक नहीं पहुंच पा रहीं। डीएम ने आश्वस्त किया कि क्षतिग्रस्त रास्तों का आकलन दो दिन में पूरा कर राहत कार्यों के लिए धन उपलब्ध कराया जाएगा।
प्रशासनिक अमला रहा मौजूद
निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, संयुक्त मजिस्ट्रेट हर्षिता, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, ईई विद्युत राकेश कुमार समेत लोनिवि, पीएमजीएसवाई और ब्लॉक स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
Share this content:
