दिल्ली उच्च न्यायालय में अरविंद केजरीवाल और अन्य के खिलाफ अवमानना मामले की सुनवाई
दिल्ली उच्च न्यायालय ने आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, संजय सिंह और अन्य के खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित अपमानजनक पोस्ट से जुड़े आपराधिक अवमानना मामले की सुनवाई के लिए 16 नवंबर की तारीख तय की है। न्यायमूर्ति नवीन चावला और न्यायमूर्ति अरुण भारद्वाज की पीठ ने प्रतिवादियों को इस मामले में अपना जवाब दाखिल करने के लिए समय प्रदान किया है। सुनवाई के दौरान, केजरीवाल के वरिष्ठ वकील ने अदालत को बताया कि उन्हें अभी तक उस सामग्री का पूरा विवरण नहीं मिला है जो इस अवमानना मामले का आधार बनी है।

अदालत ने दिए निर्देश
पीठ ने रजिस्ट्री को निर्देश दिया कि वह अपूर्ण बताई जा रही सामग्री को संबंधित पक्षों को उपलब्ध कराए। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि कोई जवाब दाखिल करना हो, तो उसे चार सप्ताह के भीतर प्रस्तुत किया जाए। इसके अलावा, अदालत ने वकील अशोक चैतन्य द्वारा दायर एक अलग अवमानना याचिका को भी 16 नवंबर के लिए सूचीबद्ध किया है। इस याचिका में केजरीवाल और अन्य लोगों के अलावा गोपाल राय और पत्रकार सौरभ दास को भी जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के खिलाफ एक सुनियोजित सोशल मीडिया अभियान में शामिल होने का आरोप लगाया गया है।
पूर्व में जारी हुए थे नोटिस
इससे पहले, 19 मई को अदालत ने स्वतः संज्ञान लेते हुए शुरू किए गए आपराधिक अवमानना मामले में केजरीवाल और अन्य राजनेताओं को नोटिस जारी किया था और उन्हें प्रतिक्रिया देने के लिए चार सप्ताह का समय दिया था। उस दौरान अदालत ने वरिष्ठ अधिवक्ता राजदीपा बेहूरा को न्यायमित्र (amicus curiae) नियुक्त किया था। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने 14 मई को आबकारी नीति मामले से जुड़े बयानों और सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर इन नेताओं के खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू की थी।


