उमेश पाल हत्याकांड का इनामी आरोपी गया जेल में बंद, यूपी पुलिस ने मांगी ट्रांजिट रिमांड

उमेश पाल हत्याकांड का इनामी आरोपी गया जेल में बंद, यूपी पुलिस ने मांगी ट्रांजिट रिमांड

प्रयागराज के बहुचर्चित उमेश पाल हत्याकांड मामले में लंबे समय से तलाश किए जा रहे एक मुख्य आरोपी की मौजूदगी बिहार की एक जेल में पाई गई है। उत्तर प्रदेश पुलिस को इस बात की जानकारी मिलने के बाद, आरोपी की पहचान पुख्ता करने और उसे अपने साथ ले जाने के लिए पुलिस टीम गया पहुंच गई है। फरार चल रहे इस आरोपी पर पांच लाख रुपये का इनाम घोषित था।

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गया सेंट्रल जेल में बंद मिला आरोपी

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मोहम्मद अरमान नाम का यह आरोपी पिछले तीन वर्षों से फरार चल रहा था और आखिरकार वह गया सेंट्रल जेल में बंद पाया गया। उत्तर प्रदेश पुलिस ने उसे अपने कब्जे में लेने के लिए स्थानीय अदालत में ट्रांजिट रिमांड की अर्जी दाखिल की है। इस घटनाक्रम के सामने आने के बाद से ही कानूनी गलियारों में हलचल तेज हो गई है।

हत्याकांड की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि 24 फरवरी 2023 को प्रयागराज में राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस दुस्साहसिक वारदात के बाद उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हुए थे। घटना के बाद सामने आए सीसीटीवी फुटेज में अरमान को एक अन्य आरोपी गुड्डू मुस्लिम के साथ मोटरसाइकिल चलाते हुए देखा गया था। पुलिस जांच में यह बात सामने आई थी कि यह पूरी साजिश माफिया अतीक अहमद और उसके परिवार के नेटवर्क से जुड़ी हुई थी। इस मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, कुछ एनकाउंटर में मारे गए थे और कुछ की तलाश जारी थी।

परिवार और वकीलों की चिंताएं

जैसे ही उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा ट्रांजिट रिमांड की प्रक्रिया शुरू की गई, आरोपी के परिजनों ने उसकी सुरक्षा को लेकर गंभीर आशंकाएं व्यक्त की हैं। गया के कठोकर तालाब इलाके के रहने वाले अरमान के पिता मोहम्मद शमी ने डर जताया है कि उनके बेटे की जान को खतरा हो सकता है। परिवार का कहना है कि इस मामले में कई अन्य आरोपी पहले ही पुलिस मुठभेड़ में मारे जा चुके हैं, इसलिए पूछताछ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए की जानी चाहिए और उसे उत्तर प्रदेश पुलिस को नहीं सौंपा जाना चाहिए। हालांकि, अदालत ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पूछताछ की इस मांग को स्वीकार नहीं किया है। आरोपी पक्ष के वकील ने भी अदालत में यही दलील दी है कि उत्तर प्रदेश भेजे जाने पर उसकी जान को बड़ा जोखिम हो सकता है।

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