दिल्ली में विरोध प्रदर्शन और हिरासत की कार्रवाई पर कांग्रेस का सरकार पर तीखा हमला
दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त और एसआईआर के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलिस द्वारा बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिए जाने पर कांग्रेस पार्टी ने कड़ी नाराजगी जताई है। कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों और संविधान की अनदेखी करने का गंभीर आरोप लगाया है।

मल्लिकार्जुन खरगे का केंद्र सरकार पर निशाना
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि देश में नागरिकों, छात्रों, वकीलों, पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं समेत जो भी सरकार से सवाल पूछ रहा है, उसे हिरासत में लिया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की कार्रवाइयों से देश के लोकतांत्रिक स्वरूप को कमजोर किया जा रहा है। खरगे ने स्पष्ट किया कि गिरफ्तारियां और जेल के डर से भारत के लोग अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाना बंद नहीं करेंगे और संविधान की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
प्रमुख नेताओं की प्रतिक्रियाएं और आवाजाही पर रोक
पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भी दिल्ली में सुरक्षा प्रबंधों और सड़कों को बंद किए जाने की तीखी आलोचना की। नेताओं का कहना था कि जंतर-मंतर जैसे स्थानों पर नागरिकों को अपनी बात रखने की अनुमति होनी चाहिए, लेकिन आवाजाही पर रोक लगाने से आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही विपक्षी नेताओं ने यह भी कहा कि विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार लोकतांत्रिक व्यवस्था का एक अहम हिस्सा है, जिसे दबाया नहीं जा सकता।
सोमवार को INDI गठबंधन का बड़ा प्रदर्शन
इस पूरे घटनाक्रम के बीच, विपक्षी दलों ने आगामी रणनीति का ऐलान कर दिया है। घोषणा के अनुसार, लोगों के वोटिंग अधिकारों की रक्षा के लिए INDI गठबंधन सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी में एक बड़ा विरोध प्रदर्शन करेगा। विपक्षी नेताओं का कहना है कि जब तक चुनावी प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और स्वतंत्र नहीं हो जाती, तब तक उनका यह आंदोलन विभिन्न रूपों में जारी रहेगा।


