दिल्ली पुलिस द्वारा जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाने पर CJP ने जताया कड़ा विरोध
दिल्ली पुलिस ने हाल ही में राष्ट्रीय राजधानी स्थित जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन के लिए निर्धारित आधिकारिक स्थान की सूची से हटा दिया है। इस फैसले के बाद राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं ने इस कदम की कड़ी आलोचना की है।

दिल्ली पुलिस का नया निर्णय और वैकल्पिक स्थल
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जंतर-मंतर को डी-नोटिफाई करने का यह निर्णय गृह मंत्रालय द्वारा गठित एक समिति की सिफारिशों के आधार पर लिया गया है। इस समिति को नागरिकों के प्रदर्शन करने के अधिकारों के मद्देनजर वैकल्पिक स्थानों की जांच करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार द्वारा जारी किए गए नोटिस में पूर्वी दिल्ली स्थित रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और सीबीडी (CBD) मैदान को विरोध-प्रदर्शन के लिए वैकल्पिक जगहों के रूप में सुझाया गया है। पुलिस का कहना है कि इन नई जगहों पर प्रदर्शनों के संचालन के लिए एक नया स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) अलग से जारी किया जाएगा।
कॉकरोच जनता पार्टी की तीखी प्रतिक्रिया
इस फैसले के सामने आने के बाद CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के नेताओं ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। पार्टी नेताओं का आरोप है कि यह निर्णय नागरिकों के असहमति जताने और विरोध करने के मौलिक अधिकार को कमजोर करने का एक प्रयास है। नेताओं ने तीखे शब्दों में कहा कि इस प्रकार के कदमों से लोकतांत्रिक अधिकारों को सीमित किया जा रहा है और अब देश के हालात ऐसे बन रहे हैं कि पूरा देश ही जंतर-मंतर का रूप ले लेगा।
नागरिक अधिकारों पर मंडराता खतरा
CJP के नेताओं ने सवाल उठाया कि इस तरह का बड़ा फैसला लेने से पहले क्या आम नागरिकों, विभिन्न संगठनों या संबंधित पक्षों से कोई सलाह-मशविरा किया गया था। उन्होंने इस पूरी कार्रवाई को मनमाना करार देते हुए चेतावनी दी है कि विरोध स्थलों को सीमित करने से लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। नेताओं का मानना है कि असहमति की आवाज को दबाने के लिए इस प्रकार की नीतियां अपनाई जा रही हैं, जिसका जनता स्तर पर कड़ा विरोध किया जाएगा।


