चुनाव आयोग की प्रक्रिया के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचा विपक्ष, उठाईं ये प्रमुख मांगें
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और INDI गठबंधन के प्रमुख नेताओं ने चुनाव आयोग की एसआईआर प्रक्रिया और चुनावी फैसलों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। विपक्षी दलों ने शीर्ष अदालत में याचिका दायर कर देश भर में चल रही इस प्रक्रिया पर तत्काल प्रभाव से अंतरिम रोक लगाने की मांग उठाई है।

सुप्रीम कोर्ट में याचिका और विरोध मार्च
सोमवार को राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट तक एक मार्च निकाला। विपक्षी नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग के साथ-साथ चुनावी प्रणाली में पारदर्शिता की मांग की है। हालांकि राहुल गांधी तय समय-सीमा तक नहीं पहुंच सके, जिसके बाद कांग्रेस की लीगल टीम के वकील एस. प्रसन्ना ने अदालत में याचिका दाखिल की। इसे सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर ‘राहुल गांधी बनाम भारत निर्वाचन आयोग’ के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।
याचिका में शामिल प्रमुख मांगें
विपक्षी गठबंधन द्वारा दायर की गई याचिका में कई महत्वपूर्ण मांगें रखी गई हैं:
- एसआईआर दस्तावेजों की पेशी: चुनाव आयोग को निर्देश देने की मांग की गई है कि वह एसआईआर से जुड़ी सभी फाइलें, समझौते, बैठकों का ब्योरा और आपत्तियों का रिकॉर्ड सुप्रीम कोर्ट के समक्ष पेश करे।
- संवैधानिक जांच: यह जांच करने की मांग की गई है कि एसआईआर से जुड़े निर्णय संविधान के प्रावधानों और तय मानकों के अनुसार हैं या नहीं।
- स्वतंत्र समिति का गठन: सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक स्वतंत्र समिति बनाने की मांग की गई है जो हटाए गए नामों और डेटाबेस की जांच करे।
- वोटर सूची से नाम हटाने पर रोक: बिना किसी पूर्व कानूनी नोटिस और सुनवाई के अवसर के नागरिकों के नाम मतदाता सूची से न हटाने का निर्देश देने की मांग की गई है।
कार्रवाई और अंतरिम रोक की मांग
याचिका में यह भी मांग की गई है कि वोटर लिस्ट तैयार करने में नियमों का उल्लंघन करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। जब तक अदालत इन मुद्दों पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लेती, तब तक पूरे देश में चल रही एसआईआर प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए।


