कोविड किचन की बदौलत नहीं रहेगा कोई बेसहारा शहर में भूखा , एक लाख बेसहारों को भोजन कराने का लक्ष्य

कोविड किचन की बदौलत नहीं रहेगा कोई बेसहारा शहर में भूखा , एक लाख बेसहारों को भोजन कराने का लक्ष्य

तीर्थनगरी ऋषिकेश में युवाओं ने कोविड किचन शुरू कर एक पहल शुरू की है। कोविड किचन की बदौलत ऋषिकेश शहर ही नहीं , बल्कि ऋषिकेश से सटे हुए क्षेत्र मुनिकीरेती और तपोवन के इलाकों में रहने वाले बेसहारा लोगों को प्रत्येक दिन भोजन मिल रहा है।

कोविड किचन के सदस्यों ने एक लाख बेसहारों को भोजन कराने का लक्ष्य रखा है। वर्तमान में यह लक्ष्य लगभग 30% पूरा भी हो गया है। बता दें कि कोविड किचन से जुड़े सदस्य प्रतिदिन अपनी कार से ऋषिकेश , मुनिकीरेती , तपोवन , आईएसबीटी और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर पहुंचते हैं। कार को देखते ही बेसहारों के चेहरे पर एक मुस्कान आ जाती है और सभी बेसहारा कार की ओर खाना लेने के लिए दौड़ पड़ते हैं। खास बात यह है कि अब सदस्यों ने कोविड -19 की बीमारी से पीड़ित होकर मरने वालों का अंतिम संस्कार भी अपने खर्चे करने का निर्णय ले लिया है। कोविड किचन से जुड़े युवा जितेंद्र पाल पाठी ने बताया कि उनकी यह सेवन निस्वार्थ भाव है। जो निरंतर जारी रहेगी। वर्ष 2020 के लॉकडाउन में भी उनकी तरफ से यह सेवा बेसहारों के लिए चलाई गई थी। जो इस वर्ष भी जारी है।

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