Arunachal Pradesh: चीन से सटे इलाके से दो भारतीय लापता, खोज में जुटी सेना व पुलिस

पुलिस

पुलिस अधिकारी राईक कामसी ने बताया, इस संबंध में सेना से संपर्क किया गया है। दोनों युवकों को तलाश करने के लिए पुलिस व भारतीय सेना जुटी हुई है। बता दें, जनवरी में ऐसा ही एक मामला सामने आया था, जिसमें चीनी सेना द्वारा भारतीय युवक का अपहरण करने की बात सामने आई थी।

अरुणाचल प्रदेश में भारत-चीन सीमावर्ती इलाके से दो भारतीय युवक लापता हो गए हैं। दोनों औषधीय पौधों की तलाश में गए हुए थे। दोनों युवकों के परिवारीजनों ने इस मामले में पुलिस में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई है।

पुलिस अधिकारी राईक कामसी ने बताया, मामला नौ अक्तूबर का है। परिवारीजनों की ओर से शिकायत मिलने के बाद हमने इस संबंध में सेना से संपर्क किया है। दोनों युवकों को तलाश करने के लिए पुलिस व भारतीय सेना जुटी हुई है।

पहले भी ऐसे ही लापता हो चुका है युवक 
अरुणाचल प्रदेश में युवक के लापता होने का मामला नया नहीं है। इसी तरह का मामला जनवरी में सामने आया था। यहां से मिराम नाम का युवक लापता हो गया था। बाद में कथित रूप से सामने आया क चीनी सेना ने युवक का अपहरण कर लिया है। इसके बाद भारतीय सेना ने चीनी अधिकारियों से इस मसले पर बात की। पहले तो चीन ने युवक के अपहरण की बात खारिज कर दी, लेकिन बाद में चीनी सेना की ओर से बताया गया कि उन्हें अरुणाचल प्रदेश से लापता युवक मिल गया है। भारत की ओर से दबाव बनाए जाने के बाद चीन ने युवक को भारतीय सेना को सौंप दिया था।

Share this content:

मेमोयर्स पब्लिशिंग उत्तराखंड पत्रकारिता के उच्च मापदंडों पर निरंतर गतिमान रहने के लिए प्रतिबद्ध है. ख़बरों की निष्पक्षता ही हमारा मुख्य उद्देश्य है. ख़बरों के सकारात्मक पक्ष को उजागर करना हम अपना दायित्व समझते है, हम डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म के द्वारा समाचारों, विचारों, साक्षात्कारों की नई श्रृंखला के साथ- साथ खोजी ख़बरों को कुछ हटकर पाठकों तथा दर्शकों के सामने लाने का प्रयास कर रहे है। हमारा ध्येय है कि हमारी खबरें जनसरोकारी हो, निष्पक्ष हों, सकारात्मक हो, रचनात्मक हो, पाठकों तथा दर्शकों का मार्गदर्शन करने में सहायक हो।

Previous post

Bharat Jodo Yatra: राहुल बोले- देश में 45 साल में अब तक की सबसे ज्यादा बेरोजगारी, PM बताएं- कहां हैं नौकरियां?

Next post

Guinness World Record: AIWWA ने बनाना गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड, तीन महीने में बुनीं 40 हजार से ज्यादा ऊनी टोपियां