जानकीचट्टी में कूड़े के ढेर से बढ़ी परेशानी, श्रद्धालुओं और स्थानीय लोग परेशान
यमुनोत्री धाम यात्रा के मुख्य पड़ाव जानकीचट्टी के मुहाने पर खुले में कचरे का बड़ा ढेर जमा हो गया है, जिससे स्थानीय नागरिकों के साथ देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। समय पर कचरे का निस्तारण न होने के कारण यह धूप में सड़ने लगा है और आसपास के क्षेत्र में लगातार दुर्गंध फैल रही है।

स्वच्छता व्यवस्था पर खड़े हो रहे सवाल
जानकीचट्टी यमुनोत्री की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण पड़ाव है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग आवाजाही करते हैं। मुख्य मार्ग के पास इस प्रकार खुले में कचरा पड़े रहने से क्षेत्र की स्वच्छता व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय दुकानदारों, निवासियों और यात्रियों का कहना है कि तापमान बढ़ने के साथ ही कचरे से उठने वाली बदबू और अधिक विकट रूप ले रही है, जिससे वातावरण पर भी बुरा असर पड़ रहा है।
ज्ञापन देने के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
क्षेत्र के निवासियों ने इस समस्या को लेकर पहले ही जिलाधिकारी को एक लिखित ज्ञापन सौंपा था, जिसमें लंबे समय से एकत्रित इस कचरे को तुरंत हटाने की मांग की गई थी। नीतू रावत, नारायण पुरी, प्रदीप रावत, वीरेंद्र कफोला और अरविंद चौहान सहित अन्य स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन को इस बात से अवगत कराने के बाद भी अब तक कचरे का उचित निस्तारण नहीं किया गया है।

स्थानीय लोगों की प्रमुख मांगें
- जानकीचट्टी के मुहाने से कचरे के ढेर को तुरंत हटाया जाए।
- पूरे क्षेत्र की अच्छी तरह से साफ-सफाई कराई जाए।
- कचरे के नियमित उठान के लिए एक स्थाई और प्रभावी व्यवस्था बनाई जाए।
ग्रामीणों और यात्रियों ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन इस विषय पर जल्द से जल्द संज्ञान लेगा ताकि यमुनोत्री धाम के इस अहम पड़ाव को साफ और दुर्गंधमुक्त रखा जा सके।


