पंजाब के तरनतारन जिले में अकाली दल की सरपंच के पति की गोली मारकर हत्या
पंजाब के तरनतारन जिले के गग्गोबुहा गांव में एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहां शिरोमणि अकाली दल (SAD) की महिला सरपंच कुलविंदर कौर के पति नवदीप सिंह नवी की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। घटना के बाद से इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है। गंभीर रूप से घायल होने के बाद उन्हें तुरंत अमृतसर के ईएमसी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।

परिजनों के आरोप और न्याय की मांग
घटना की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिवार के सदस्य अमृतसर के ईएमसी अस्पताल के बाहर एकत्र हो गए। उन्होंने पुलिस प्रशासन से जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार करने और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। परिवार के एक सदस्य ने जानकारी देते हुए बताया कि वे अपनी बेटी के लिए दवा लेने के वास्ते दुकान के बाहर खड़े थे, तभी आरोपियों ने उन पर गोलियां चला दीं। परिजनों के अनुसार, सरपंच कुलविंदर कौर ने एक साल पहले ड्रग तस्करों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके चलते यह हमला किया गया है।
पुलिस का पक्ष और मामला दर्ज
दूसरी ओर, पुलिस अधिकारी जुगराज सिंह ने इस मामले पर जानकारी देते हुए बताया कि नवदीप नवी रात के समय अपनी कंबाइन की दुकान से लौट रहे थे। इस दौरान उनकी पुरानी रंजिश के चलते सोनू यानी सुरंदर सिंह सोनू कांडा और उसके साथियों के साथ झड़प हो गई। इसी विवाद के दौरान दूसरे पक्ष ने नवदीप पर गोली चला दी, जो उनकी बाईं कंधे पर जा लगी। इसके बाद उन्हें तुरंत इलाज के लिए अमृतसर लाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। पुलिस ने मृतक के परिजनों के ब बयानों के आधार पर सुरंदर सिंह, निर्मल सिंह निम्मा और अर्शदीप सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा।
राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं
इस हाई-प्रोफाइल और दुखद हत्याकांड के बाद पंजाब की राजनीति में भी उबाल आ गया है और तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने सोशल मीडिया पर घटना की कड़ी निंदा करते हुए अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि तरनतारन में कम से कम दो महीनों के भीतर नौ हत्याएं हो चुकी हैं, जो राज्य में कानून और व्यवस्था के पूरी तरह से चरमराने का स्पष्ट प्रमाण है। उन्होंने कहा कि अपराधी पूरी तरह से निडर हो चुके हैं और आम नागरिक भय के साये में जीने को मजबूर हैं।
इसके अलावा, अकाली दल के अन्य नेता बिक्रम मजीठिया ने भी इस घटना को लेकर सरकार और पुलिस प्रशासन पर तीखे सवाल उठाए। नेताओं का कहना है कि जब राज्य में एक महिला सरपंच के पति और जनप्रतिनिधि ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। उन्होंने पुलिस और सरकार से आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की है।


