शास्त्रों के वास्तविक ज्ञान को समझकर नई पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी

शास्त्रों के वास्तविक ज्ञान को समझकर नई पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी

पंडित विजयशंकर मेहता ने अपने कॉलम में चर्चा की है कि शास्त्रों को शुद्ध रखना एक अत्यंत कठिन कार्य रहा है। समय-समय पर लोगों द्वारा इनमें फेरबदल किए जाते रहे हैं और यह आवश्यक नहीं है कि यह कार्य हमेशा विद्वानों द्वारा ही किया गया हो। अपनी समझ के अनुसार लोग शास्त्रों को नया रूप देते रहते हैं, जिसका सबसे बड़ा उदाहरण गीता ग्रंथ है जिसके साथ कई प्रयोग और व्याख्याएं की गईं।

e0a4b6e0a4bee0a4b8e0a58de0a4a4e0a58de0a4b0e0a58be0a48-real-1 शास्त्रों के वास्तविक ज्ञान को समझकर नई पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी

लेख में यह भी बताया गया है कि जिसे गीता का वास्तविक मर्म समझ आ जाता है, वह उसमें किसी प्रकार का बदलाव नहीं करता। उसका यह मानना होता है कि जो मिलना था वह मिल चुका है। लेकिन वर्तमान समय में शास्त्रों के शब्दों को समझकर उन्हें जीवन में उतारने के बजाय उनके साथ केवल बौद्धिक प्रहार या बहस का खेल खेला जा रहा है, ठीक वैसे ही जैसे वॉलीबॉल खेली जाती है।

शास्त्रों से दूर होती नई पीढ़ी

ऐसी स्थिति के कारण आज की नई पीढ़ी धीरे-धीरे शास्त्रों से कटती जा रही है। युवाओं का ऐसा मानना है कि शास्त्रों की भाषा और विषय इतने क्लिष्ट हो चुके हैं कि उन्हें समझ पाना आसान नहीं रहा है। जब शब्दों को जीने के बजाय केवल उछाला जाएगा, तो स्वाभाविक है कि आम पाठक और युवा वर्ग इनसे असहज महसूस करेगा।

e0a4b6e0a4bee0a4b8e0a58de0a4a4e0a58de0a4b0e0a58be0a48-real-2 शास्त्रों के वास्तविक ज्ञान को समझकर नई पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी

काम की बात निकालकर बच्चों को सौंपें

इस समस्या का समाधान यह है कि शास्त्रों में अनावश्यक फेरबदल करने या उन्हें जटिल बनाने से बचा जाए। इसके स्थान पर हमें शास्त्रों में निहित सारगर्भित और काम की बातों को बाहर निकालना चाहिए। यदि हम ज्ञान के इन महत्वपूर्ण तत्वों को सरल रूप में अपनी आने वाली पीढ़ी को सौंपेंगे, तो बच्चे इन्हें आसानी से समझ सकेंगे और अपने जीवन में अपना पाएंगे।

मेमोयर्स पब्लिशिंग उत्तराखंड पत्रकारिता के उच्च मापदंडों पर निरंतर गतिमान रहने के लिए प्रतिबद्ध है. ख़बरों की निष्पक्षता ही हमारा मुख्य उद्देश्य है. ख़बरों के सकारात्मक पक्ष को उजागर करना हम अपना दायित्व समझते है, हम डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म के द्वारा समाचारों, विचारों, साक्षात्कारों की नई श्रृंखला के साथ- साथ खोजी ख़बरों को कुछ हटकर पाठकों तथा दर्शकों के सामने लाने का प्रयास कर रहे है। हमारा ध्येय है कि हमारी खबरें जनसरोकारी हो, निष्पक्ष हों, सकारात्मक हो, रचनात्मक हो, पाठकों तथा दर्शकों का मार्गदर्शन करने में सहायक हो।