तमिलनाडु में छात्रों के लिए ब्रेकफास्ट स्कीम का विस्तार, मेन्यू में नॉन-वेज शामिल करने पर विचार
तमिलनाडु की ‘पेरुंथलैवर कामराजर ब्रेकफास्ट स्कीम’ में छात्रों के लिए एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। राज्य सरकार इस योजना के तहत स्कूली बच्चों के खाने में चिकन बिरयानी जैसे नॉन-वेज विकल्प शामिल करने पर विचार कर रही है। मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय इस योजना का विस्तार करने जा रहे हैं, जिससे लाखों छात्रों को लाभ मिलेगा।

कक्षा 6 से 8 तक के छात्रों के लिए विस्तार
मुख्यमंत्री द्वारा इस महत्वाकांक्षी योजना का दायरा बढ़ाया जा रहा है, जिससे अब कक्षा 6 से 8 तक के छात्र भी लाभांवित होंगे। इस विस्तारित चरण से लगभग 15.30 लाख अतिरिक्त छात्रों को फायदा मिलने की उम्मीद है। योजना के सुचारू संचालन के लिए चालू वित्त वर्ष में अतिरिक्त फंड भी आवंटित किया गया है, जिससे इस पूरे कार्यक्रम का कुल बजट काफी बढ़ गया है।
मेन्यू में बदलाव और स्वच्छता के मानक
स्कूली बच्चों के भोजन में नए और स्वादिष्ट विकल्प जोड़ने के लिए एक विशेष समिति का गठन किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि छात्रों को पौष्टिक और मनपसंद भोजन देने के लिए लंबे समय के लक्ष्यों पर काम किया जा रहा है। हालांकि, इसे पूरी तरह लागू करने से पहले कड़े स्वच्छता मानकों और साफ-सफाई की जांच के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट चलाया जाएगा ताकि खाद्य सुरक्षा से कोई समझौता न हो।
वर्तमान मेन्यू और अन्य व्यवस्थाएं
मौजूदा समय में इस नाश्ते की योजना के तहत बच्चों को उपमा, खिचड़ी और पोंगल जैसी चीजें परोसी जा रही हैं। इसके अलावा, पोषण का ध्यान रखते हुए हफ्ते में दो बार मोटे अनाज से बनी खाद्य सामग्रियां भी मेन्यू का हिस्सा बनाई गई हैं। यह पूरी पहल सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में सुनियोजित तरीके से लागू की जा रही है, ताकि जरूरतमंद बच्चों को रोजाना पौष्टिक सुबह का नाश्ता मिल सके।


