असम में होटल गोलीकांड: एसआईटी कर रही है आरोपी घनकांत गोगोई के पुराने मामलों की जांच
गुवाहाटी के लचित नगर इलाके स्थित होटल बिलास इन में हुई गोलीबारी की एक दर्दनाक घटना के बाद असम पुलिस ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। इस वीभत्स घटना में पांच लोगों की जान चली गई और एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया है, जिसका इलाज अस्पताल में जारी है।

गोलीबारी की घटना और पुलिस कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, यह वारदात सोमवार शाम को होटल के परिसर में संपत्ति के पट्टे और प्रबंधन को लेकर हुए विवाद के कारण हुई। आरोपी 34 वर्षीय घनकांत गोगोई को घटना के तुरंत बाद बसिष्ठ पुलिस स्टेशन क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई .32 बोर की पिस्तौल के साथ-साथ जिंदा और खाली कारतूस भी बरामद कर लिए हैं। इस मामले की वैज्ञानिक जांच और साक्ष्य संकलन के लिए सीआईडी और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की टीमों को भी लगाया गया है।
विवाद की मुख्य वजह
शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह पूरा विवाद होटल के पट्टे और उसके प्रबंधन को लेकर उपजा था। होटल के मालिकों ने पिछले साल सितंबर में आरोपी के साथ पांच साल का पट्टा समझौता किया था। प्रापर्टी के नवीनीकरण के बाद परिसर के इस्तेमाल और सुविधाओं को लेकर मतभेद पैदा हो गए थे, जिन्हें सुलझाने के लिए सोमवार शाम को बैठक बुलाई गई थी। बैठक शुरू होने से पहले ही बात इतनी बढ़ गई कि आरोपी ने छह लोगों पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं।
पीड़ितों की जानकारी और एसआईटी का गठन
इस गोलीबारी में चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जिनकी पहचान भुदेव भरली, हेलेना भरली, देबर्षि कश्यप और रिनिका कश्यप के रूप में हुई है। वहीं, अस्पताल ले जाए जाने के बाद नारायण दास की भी मौत हो गई, जिससे मृतकों का कुल आंकड़ा पांच तक पहुंच गया है। इस हमले में घायल हुए सत्येंद्र पाठक का इलाज चल रहा है। संयुक्त पुलिस आयुक्त अंकुर जैन के नेतृत्व में गठित नई एसआईटी इस पूरे मामले और आरोपी के आपराधिक इतिहास की तह तक जाने का प्रयास कर रही है।
आरोपी का पुराना आपराधिक इतिहास
स्थानीय सूत्रों और पुलिस इनपुट के अनुसार, मुख्य आरोपी घनकांत गोगोई एक आदतन अपराधी है। डिब्रूगढ़ और जोरहट जिलों में उसके खिलाफ संपत्ति और वित्तीय धोखाधड़ी के कई मामले दर्ज होने की बात सामने आई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि गोगोई ने जमीन के स्वामित्व के मामलों में कई लोगों को ठगा है और फर्जी पतों का इस्तेमाल करके ऋण लेने जैसे वित्तीय घोटालों में भी संलिप्त रहा है।


