वोट चोरी के आरोपों पर भाजपा का पलटवार, संबित पात्रा ने कांग्रेस पर साधा निशाना
भारतीय जनता पार्टी ने हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस पार्टी और इंडी गठबंधन पर जमकर निशाना साधा है। पार्टी नेताओं ने विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे वोट चोरी के मुद्दों पर पलटवार करते हुए कहा कि इस तरह के आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं और लोकतंत्र का मजाक उड़ाने जैसे हैं।

वोट चोरी और ऐतिहासिक संदर्भ पर बयान
प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए भाजपा सांसद संबित पात्रा ने दावा किया कि देश में पहली वोट चोरी कांग्रेस के कार्यकाल और पंडित जवाहरलाल नेहरू के समय हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरदार वल्लभभाई पटेल को प्रधानमंत्री पद के लिए समर्थन मिलना था, लेकिन वोट चोरी कर नेहरू को प्रधानमंत्री बनाया गया था। इसके साथ ही उन्होंने विपक्ष द्वारा आयोजित की जा रही मॉक संसद और विरोध प्रदर्शनों को संसद का मजाक उड़ाने वाला करार दिया।
मतदाता सूची और एसआईआर प्रक्रिया की जानकारी
मतदाता सूचियों से नाम हटाने और एसआईआर प्रक्रिया पर बोलते हुए पात्रा ने स्पष्ट किया कि यह पूरी कवायद सूची को साफ-सुथरा रखने के लिए की जाती है। उन्होंने बताया कि भारत में अब तक कुल 12 बार एसआईआर प्रक्रिया अपनाई जा चुकी है, जिसमें से 10 बार कांग्रेस सरकारों का कार्यकाल रहा है।
एसिड फार्मूले का जिक्र करते हुए उन्होंने समझाया कि इसके तहत अनुपस्थित, हमेशा के लिए अन्यत्र जाने वाले और मृत व्यक्तियों के नाम हटाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि सूची से मृत लोगों के नाम हटने के कारण ही इस बार फर्जी या ‘घोस्ट वोटिंग’ पर रोक लग पाई है, जिससे विपक्ष में हताशा का माहौल है।
पंजीकरण और फॉर्म प्रक्रिया
पार्टी की ओर से यह भी बताया गया कि जिन लोगों के नाम सूची से हटे हैं या जो लोग दूसरी जगहों पर शिफ्ट हो चुके हैं, उनमें से कई लोगों ने फॉर्म भरकर दोबारा पंजीकरण करा लिया है। भाजपा ने विपक्ष के उन दावों को भी खारिज किया जिनमें बड़े पैमाने पर वैध वोट काटने की बात कही जा रही थी।


