चेन्नई में पीएम मोदी के कार्यक्रम के दौरान सीएम विजय के समर्थकों ने लहराए 2029 के पोस्टर
चेन्नई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक कार्यक्रम के दौरान उस समय राजनीतिक हलचल देखने को मिली, जब कुछ समर्थकों ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय को वर्ष 2029 का अगला प्रधानमंत्री बताते हुए पोस्टर लहराए। यह घटनाक्रम मद्रास कैंपस में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान सामने आया, जहां प्रधानमंत्री मोदी तमिलनाडु में लगभग 13,000 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करने पहुंचे थे। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विजय भी मंच पर मौजूद थे।

पोस्टरबाजी और सुरक्षाकर्मियों का हस्तक्षेप
कार्यक्रम के दौरान जब प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में मुख्यमंत्री विजय का नाम लिया, तो भीड़ में मौजूद उनके समर्थकों के एक समूह ने सीटियां बजाईं और हाथ से लिखे पोस्टर हवा में लहराए। इन पोस्टरों पर मुख्यमंत्री विजय की तस्वीरें छपी थीं और ‘अगले पीएम विजय 2029’ जैसे नारे लिखे हुए थे। स्थिति को संभालते हुए सुरक्षाकर्मियों और पुलिस ने तुरंत हस्तक्षेप किया और समर्थकों को नीचे बैठकर पोस्टर हटाने के निर्देश दिए। हालांकि, पुलिस के हटने के बाद उन लोगों ने दोबारा वीडियो कैमरों की ओर इशारा करते हुए अपने पोस्टर लहराए।
विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और मेट्रो सेवा
यह राजनीतिक घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब हालिया विधानसभा चुनावों में टीवीके पार्टी ने सत्ता हासिल की थी और चुनाव के बाद प्रधानमंत्री की यह पहली तमिलनाडु यात्रा थी। प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री विजय ने संयुक्त रूप से चेन्नई मेट्रो की एक नई सेवा को हरी झंडी दिखाई और ट्रेन में सफर कर उसका जायजा लिया। प्रधानमंत्री ने चेन्नई मेट्रो रेल परियोजना के दूसरे चरण के पूनमल्ली-वडापलानी खंड का उद्घाटन किया, जिसकी लागत लगभग 4,900 करोड़ रुपये है। इसके अलावा चेन्नई पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड की मनाली स्थित रिफाइनरी, हाईवे प्रोजेक्ट्स और अन्य बंदरगाह से जुड़ी पहलों का भी शिलान्यास किया गया।
मुख्यमंत्री की मांगें और तमिल संस्कृति की प्रशंसा
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विजय ने केंद्र सरकार के समक्ष कई प्रमुख मांगें रखीं, जिनमें समग्र शिक्षा अभियान के तहत बकाया राशि तुरंत जारी करने, मद्रास हाईकोर्ट में तमिल को आधिकारिक मुख्य भाषा बनाने और चेन्नई मेट्रो के तीसरे चरण को मंजूरी देना शामिल है। वहीं, प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि राजनीतिक बदलाव के बावजूद तमिलनाडु के विकास को लेकर उनकी प्रतिबद्धता पूरी तरह अटूट है। उन्होंने प्राचीन तमिल साहित्य, ग्रंथ तिरुक्कुरल और राष्ट्रीय कवि महाकवि भारती की संस्कृति व रचनाओं की भी खुलकर प्रशंसा की।


