दिल्ली के शाहदरा पुलिस स्टेशन में वकीलों पर मामला दर्ज, पुलिस से बदसलूकी का आरोप
दिल्ली के शाहदरा पुलिस स्टेशन में पुलिस अधिकारियों के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार करने, गाली-गलौज करने और सरकारी कामकाज में बाधा डालने के मामले में 15 से 20 वकीलों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है। यह घटना 24 अक्टूबर को हुई थी और पुलिस स्टेशन में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई थी। इस मामले में गांधी नगर के सहायक आयुक्त मानस्वि वशिष्ठ की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है।

घटना की पृष्ठभूमि
शिकायत के अनुसार, 24 अक्टूबर को एसीपी को सूचना मिली थी कि कड़कड़डूमा कोर्ट कॉम्प्लेक्स के पास वकीलों के एक समूह ने हेड कांस्टेबल अमित मलिक को रोक लिया था। वकीलों ने 21 अक्टूबर को दर्ज एक मामले में आरोपियों को गिरफ्तार न करने को लेकर सवाल उठाए थे और पुलिसकर्मियों के साथ अभ्रदता की थी। इसके बाद हेड कांस्टेबल वापस पुलिस स्टेशन लौट आया था।
पुलिस स्टेशन में हंगामा
उसी दिन दोपहर करीब ढाई बजे एडवोकेट अमूल्य के नेतृत्व में 15 से 20 वकील, जिनमें शाहदरा बार एसोसिएशन के सदस्य भी शामिल थे, थाने पहुंचे और एसएचओ के कमरे में घुस गए। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वकीलों ने एसीपी और एसएचओ के साथ गलत व्यवहार किया और पुलिस पर अक्टूबर के मामले में आरोपियों को छोड़ने के लिए रिश्वत लेने का आरोप लगाया।
अधिकारियों ने वकीलों को समझाने का प्रयास किया और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया, लेकिन हंगामा जारी रहा। इस दौरान एक वकील ने एसएचओ को धमकी दी और आपत्ति जताने पर उनका हाथ खींचने का प्रयास किया। पुलिसकर्मियों ने बीच-बचव कर स्थिति को संभाला। पुलिस का कहना है कि यह पूरा घटनाक्रम जांच को प्रभावित करने और सरकारी कर्तव्य में बाधा डालने का प्रयास था। मामले की आगे की जांच जारी है।


