मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने और एसआईआर रोकने की मांग को लेकर विपक्ष का सुप्रीम कोर्ट तक मार्च
विपक्षी दलों के नेताओं ने ‘वोट चोरी और एसआईआर’ के विरोध में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर राजधानी में सुप्रीम कोर्ट तक एक बड़ा मार्च निकाला और सर्वोच्च अदालत में संयुक्त याचिका दाखिल की। इस प्रदर्शन के दौरान चुनावों में गंभीर गड़बड़ियों का आरोप लगाया गया और मतदाता सूचियों के विशेष सघन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर रोक लगाने की मांग की गई है।

लोकतंत्र मार्च और सुप्रीम कोर्ट में याचिका
राजधानी दिल्ली में आयोजित इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने किया। इस मार्च में मल्लिकार्जुन खड़गे, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव, सौगत राय सहित कई अन्य वरिष्ठ विपक्षी नेता और हजारों समर्थक शामिल हुए। विरोध प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा बलों और पुलिस द्वारा रोकने के बावजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं ने आगे बढ़ते हुए सुप्रीम कोर्ट के समक्ष संयुक्त याचिका दायर की।
याचिका में प्रमुख मांगें
विपक्षी नेताओं द्वारा दायर की गई संयुक्त याचिका में कई अहम मांगें रखी गई हैं:

- एसआईआर से जुड़े सभी रिकॉर्ड, फाइलें, बैठक के मिनट्स और आपत्तियों का रिकॉर्ड अदालत के समक्ष रखा जाए।
- एसआईआर के फैसलों की संवैधानिक वैधता की जांच की जाए और अवैध पाए जाने पर उन्हें रद्द किया जाए।
- मतदाता सूचियों से बिना नोटिस और सुनवाई के नाम हटाने की प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाई जाए।
- एसआईआर प्रक्रिया की ऑडिट जांच सुप्रीम कोर्ट के किसी सेवानिवृत्त जज की अध्यक्षता वाली स्वतंत्र समिति से कराई जाए।
- हटाए गए मतदाताओं के नाम और उनके कारण सार्वजनिक किए जाएं।
शीर्ष अदालत द्वारा इस याचिका पर सुनवाई किए जाने की संभावना है, जबकि विपक्षी नेताओं ने स्पष्ट किया है कि उनकी मांगें पूरी होने तक उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।


