बागीश्वर बाबा के खिलाफ धनबाद कोर्ट में याचिका दायर, भगवान कृष्ण पर दिए बयान पर विवाद
झारखंड के धनबाद में बागीश्वर धाम के प्रमुख धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, जिन्हें बागीश्वर बाबा के नाम से भी जाना जाता है, के खिलाफ मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में एक याचिका दायर की गई है। यह मामला मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के करेरा में दिए गए उनके एक बयान से जुड़ा हुआ है, जिसमें उन्होंने भगवान कृष्ण और वृंदावन पर टिप्पणी की थी।

धनबाद के एक निवासी मिथुन यादव ने अदालत में यह शिकायत दर्ज कराई है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि बागीश्वर बाबा के इन कथित बयानों से देश के लाखों श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। शिकायत में कहा गया है कि सार्वजनिक मंचों से धार्मिक विषयों पर बात करते समय गरिमा और मर्यादा का पूरा ध्यान रखा जाना आवश्यक है, क्योंकि भगवान करोड़ों लोगों की आस्था के प्रतीक हैं।
कानूनी कार्रवाई की मांग और साक्ष्य
याचिकाकर्ता ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं का हवाला देते हुए अदालत से इस मामले का संज्ञान लेने और उचित कानूनी कार्यवाही शुरू करने का अनुरोध किया है। इसके साथ ही, सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे वीडियो और भाषण की इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्डिंग को साक्ष्य के रूप में अदालत में पेश करने की मांग भी की गई है। शिकायतकर्ता का यह भी कहना है कि उनका उद्देश्य किसी का अपमान करना नहीं, बल्कि सामाजिक सद्भाव और धार्मिक आस्था की रक्षा करना है।
मध्य प्रदेश के कार्यक्रम से जुड़ा है विवाद
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह विवाद मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के करेरा में राम कथा के दौरान दिए गए एक संबोधन से शुरू हुआ था। आरोप है कि कथा के दौरान भगवान राम और भगवान कृष्ण की तुलना करते हुए एक देवता को प्राथमिकता दी गई थी, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था।
शास्त्री की सफाई और स्पष्टीकरण
इस पूरे विवाद और धार्मिक समुदाय की आपत्तियों के सामने आने के बाद, धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने इस पर स्पष्टीकरण दिया था। उन्होंने कहा था कि उनका उद्देश्य दो देवताओं के बीच मतभेद पैदा करना बिल्कुल नहीं था। प्रचारक के अनुसार, उनकी टिप्पणियां एक भक्ति पद की व्याख्या का हिस्सा थीं जिन्हें संदर्भ से बाहर ले जाया गया। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा था कि यदि उनके शब्दों से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं, तो वे इसके लिए माफी मांगते हैं।


