केपीएससी घोटाला: आरोपी ने शाहपुर में मॉल और स्कूल बनाने की बनाई थी योजना
कर्नाटक लोक सेवा आयोग की पशु चिकित्सा अधिकारी भर्ती में कथित अनियमितताओं के मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने बड़ा खुलासा किया है। जांच एजेंसी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए शिवशंकरप्पा साहूकर ने अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर शाहपुर में व्यावसायिक संपत्तियां विकसित करने की योजना बनाई थी।

अदालत में जमानत याचिकाओं का विरोध
यह महत्वपूर्ण जानकारी तब सामने आई जब अदालत में साहूकर और केपीएससी सदस्य बीवी गीता की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई चल रही थी। प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों ने अदालत को बताया कि आरोपी ने यादगीर जिले के शाहपुर में लगभग 40 करोड़ रुपये की लागत से एक मॉल, एक स्कूल और अन्य व्यावसायिक इमारतों का निर्माण करने की रूपरेखा तैयार की थी। यह जमीन कथित तौर पर उसकी पत्नी के नाम पर पंजीकृत है।
वास्तुशिल्प योजनाएं और दस्तावेज जब्त
एजेंसी ने अदालत के समक्ष इन प्रस्तावों से जुड़े वास्तुशिल्प नक्शे और चित्र भी जब्त किए जाने का दावा किया है। अभियोजन पक्ष का आरोप है कि ये सभी परियोजनाएं उस धन से बनाई जानी थीं, जो साहूकर ने केपीएससी अध्यक्ष बनने के बाद कथित तौर पर अवैध तरीकों से जमा किया था। इन गंभीर तर्कों के आधार पर एजेंसी के वकील ने दोनों आरोपियों की जमानत का पुरजोर विरोध किया।
रिश्वत और वित्तीय लेन-देन के आरोप
विशेष लोक अभियोजक ने अदालत को बताया कि एक महिला उम्मीदवार के पिता से परीक्षा के प्रश्न और उत्तर उपलब्ध कराने के एवज में अग्रिम राशि ली गई थी। इसके अलावा, आरोपी और केपीएससी सदस्य बीवी गीता के बीच वित्तीय लेनदेन का भी जिक्र किया गया। जांच में सामने आया कि गीता की बेटी के बैंक खाते में मासिक आधार पर राशि जमा की जाती थी और उसकी पढ़ाई का खर्च भी उठाया जाता था। हालांकि, बचाव पक्ष का कहना था कि यह राशि एक फ्लैट के किराए के रूप में दी जाती थी, लेकिन जांच एजेंसी ने स्पष्ट किया कि इस दावे के समर्थन में कोई वैध किराया समझौता मौजूद नहीं है। इस मामले में आगे की कानूनी कार्यवाही जारी है।


