मतदाता सूची विशेष पुनरीक्षण विवाद पर चुनाव आयोग का स्पष्टीकरण

मतदाता सूची विशेष पुनरीक्षण विवाद पर चुनाव आयोग का स्पष्टीकरण

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू व विवेक जोशी की महत्वपूर्ण बैठक के बाद चुनाव आयोग ने मतदाता सूचियों के विशेष पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े विभिन्न विवादों और आंतरिक चर्चाओं पर बिंदुवार स्थिति स्पष्ट की है। आयोग ने बताया कि किसी भी लोकतांत्रिक संस्था के भीतर विचार-विमर्श और सुझाव आना एक सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है।

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सर्वसम्मति से लिए गए फैसले और फॉर्म 6

चुनाव आयोग ने आधिकारिक रूप से स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण और तकनीक से जुड़े सभी अंतिम निर्णय तीनों आयुक्तों की पूर्ण सहमति और सर्वसम्मति से ही तय किए गए हैं। इसके अलावा, आयोग ने जानकारी दी कि विशेष पुनरीक्षण के दौरान फॉर्म 6 के साथ जोड़े जाने वाले घोषणा पत्र को सुप्रीम कोर्ट ने वैध और पूरी तरह सही ठहराया है। आयोग ने यह भी साफ किया कि एसआईआर के तहत नोटिस पाने वाले नागरिकों को केवल असाधारण परिस्थितियों को छोड़कर व्यक्तिगत रूप से सुनवाई के लिए उपस्थित होने की कोई आवश्यकता नहीं है।

दिल्ली और महाराष्ट्र के लिए समय-सीमा में विस्तार

विभिन्न क्षेत्रों से प्राप्त अनुरोधों को ध्यान में रखते हुए निर्वाचन आयोग ने दावों, आपत्तियों और नोटिस से जुड़ी समय-सीमाओं में बदलाव किया है। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुरोध पर दावे और आपत्तियां दाखिल करने की आखिरी तारीख 30 अक्टूबर, 2026 तय की गई है, जबकि इनके निपटारे की समय-सीमा 30 नवंबर, 2026 तक बढ़ा दी गई है। इसी प्रकार, महाराष्ट्र के लिए दावे व आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तिथि 12 अक्टूबर, 2026 और इनके निस्तारण की समय-सीमा 10 नवंबर, 2026 तक बढ़ाई गई है।

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छूटे हुए मतदाताओं के लिए विशेष अभियान

बिहार और पश्चिम बंगाल समेत देश के 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर का कार्य पूरा हो चुका है। जिन नागरिकों या युवा मतदाताओं के नाम सूची में छूट गए हैं, वे निरंतर अपडेट होने वाली प्रक्रिया के तहत आवेदन कर सकते हैं। गोवा के संबंध में बीएलओ को निर्देश दिए गए हैं कि वे घर-घर जाकर फॉर्म जमा कराएं, जिसके तहत कई मतदाता पहले ही फॉर्म-6 भर चुके हैं। आयोग ने सभी संबंधित अधिकारियों को छूटे हुए पात्र मतदाताओं के नामांकन के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।

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