हापुड़ में सूदखोरों के उत्पीड़न से परेशान किसान ने की आत्महत्या, मेरठ में इलाज के दौरान मौत
उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के सिंभावली क्षेत्र में सूदखोरों और ऋण वसूली करने वालों के लगातार उत्पीड़न से परेशान होकर 52 वर्षीय किसान ने जहरीला पदार्थ खाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। आर्थिक तंगी के कारण समय पर किस्त न चुका पाने के चलते रिकवरी एजेंट उन्हें लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। इस दुखद घटना के बाद से मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है और स्थानीय ग्रामीणों में भी भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।

ऋण न चुका पाने पर लगातार मिल रही थीं धमकियां
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सिंभावली के माधापुर गांव के रहने वाले जयप्रकाश ने कुछ समय पहले ब्याज पर कर्ज लिया था। वह लगातार इसकी किस्तें चुका रहे थे, लेकिन पिछले कुछ हफ्तों से आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण वह भुगतान नहीं कर पा रहे थे। परिजनों का आरोप है कि किस्त न मिलने पर वसूली करने वाले लोग लगातार उन्हें फोन पर परेशान करते थे और घर आकर अभद्र भाषा का प्रयोग करते थे।
डर और मानसिक तनाव के कारण मृतक पिछले कुछ दिनों से अपने घर पर भी नहीं रह पा रहे थे। परिजनों ने बताया कि सोमवार की सुबह भी ऋण वसूलने आए लोगों ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया, जिससे आहत होकर उन्होंने यह खौफनाक कदम उठाया।
अस्पताल ले जाते समय बिगड़ी स्थिति
ज़हरीला पदार्थ खाने के बाद जब किसान की तबीयत अचानक अधिक बिगड़ गई, तो परिजन उन्हें तुरंत स्थानीय अस्पताल ले गए। वहां चिकित्सकों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें मेरठ के एक अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। इलाज के दौरान मेरठ में उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
थाना प्रभारी निरीक्षक अरविंद चौधरी ने बताया कि व्यक्ति के जहर खाने और मौत की जानकारी मिली है। पुलिस इस मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने के लिए परिजनों की आधिकारिक शिकायत का इंतजार कर रही है। मृतक अपने पीछे पत्नी, तीन बेटे और एक बेटी को रोता-बिलखता छोड़ गए हैं।


