असम सरकार ने बाढ़ के कारणों की सीबीआई जांच की मांग और बहुविवाह पर कड़े फैसले लिए
असम सरकार ने इस वर्ष शिवसागर और चराइदेव जिलों में आए विनाशकारी बाढ़ के कारणों की गहराई से पड़ताल करने के लिए केंद्र सरकार से सीबीआई जांच का अनुरोध करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इस संबंध में अगले दस दिनों के भीतर केंद्र को पत्र भेजा जाएगा, हालांकि इस मामले में अंतिम निर्णय केंद्र सरकार को ही लेना है।

बाढ़ से हुआ था भारी नुकसान
पूर्वी असम के चराइदेव, शिवसागर और जोरहाट जिलों में दिखौ नदी के कारण भारी तबाही मची थी। इस वर्ष असम में बाढ़ की वजह से कम से कम 108 लोगों की जान चली गई थी, और प्रभावित क्षेत्रों में मकानों, स्कूलों, सड़कों, तटबंधों, गोशालाओं, मत्स्य पालन और स्वास्थ्य केंद्रों को भारी नुकसान पहुंचा था। सरकार का मानना है कि सीबीआई जांच से इस प्राकृतिक आपदा के पीछे के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
बहुविवाह में लिप्त कर्मियों पर होगी बर्खास्तगी की कार्रवाई
मंत्रिमंडल की बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य सरकार ने असम सेवा और अनुशासन नियम में संशोधन को मंजूरी दे दी है। इसके तहत नियम में एक नया खंड जोड़ा गया है जिसके अनुसार यदि कोई भी सरकारी कर्मचारी बहुविवाह में संलिप्त पाया जाता है, तो उसे नौकरी से बर्खास्त कर दिया जाएगा। यह नियम धर्म से परे सभी पर लागू होगा और यह कृत्य भविष्य की सरकारी नौकरियों के लिए भी अयोग्यता बन जाएगा।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य में समान नागरिक संहिता लागू होने के बाद ये नियम हिंदू, मुस्लिम और ईसाई समेत सभी समुदायों पर समान रूप से लागू होंगे। उल्लेखनीय है कि इस वर्ष मई के महीने में असम विधानसभा ने विवाह, तलाक और उत्तराधिकार से जुड़े मामलों को विनियमित करने के लिए एक विधेयक पारित किया था, जिसे केंद्र सरकार के पास राष्ट्रपति की स्वीकृति के लिए भेजा गया है।


