बीजेपी मंत्री का असंवेदनशील बयान,जिंदा इंसानों से ज्यादा शमशानों की फिक्र – नवीन पीरशालि

बीजेपी मंत्री का असंवेदनशील बयान,जिंदा इंसानों से ज्यादा शमशानों की फिक्र – नवीन पीरशालि,आप प्रवक्ता

आप प्रवक्ता ने एक बयान जारी करते हुए प्रदेश के शहरी विकास मंत्री वंशीधर भगत पर निशाना साधते हुए कहा कि मंत्रीजी इतने असंवेदनशील हो चुके हैं कि उनको कोरो ना के बुरे हालात में स्वास्थ्य व्यवस्थाएं, अस्पताल ,ऑक्सीजन के बजाय श्मशानों की ज्यादा फिक्र है । हाल में ही उनके द्वारा दिए गए बयान पर बबाल खड़ा हो गया । आप प्रवक्ता नवीन पीरशाली ने कहा ,ये समय लोगों की जिंदगियां बचाने का है और उसके लिए बीजेपी सरकार के मंत्रियों को प्रयास करना चाहिए नाकी प्रदेश के शमशान घाटों में सेनेटाईजेशन और साफ सफाई की ज्यादा फिक्र । ये बयान इस और भी तस्दीक देता है कि बीजेपी मंत्री को जिंदा इंसानों की कोई फिक्र नहीं है। उन्होंने कहा कि आज कोरोना के बढते प्रकोप के कारण लोग अपनी जान गंवाने को मजबूर हैं लेकिन राज्य सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी है।

आप प्रवक्ता ने कहा कि पूरे प्रदेश में कोरोना के मामले रोज बढ रहे हैं । रोज कोरोना से सैकड़ों मौतें हो रही हैं। राज्य के शहरी विकास मत्री को जिंदा इंसान तो नजर नही आ रहे हैं ,लेकिन उन्हें प्रदेश के शमशानों में अवव्यस्थाओं की ज्यादा फिक्र है। उन्होंने कहा कि एक मंत्री का ऐसा बयान देना, ये बताता है कि राज्य सरकार के मंत्री जिंदा लोगों के प्रति कितने संजीदा हैं। एक ओर कम स्वास्थय सेंवाओं के अभाव में भी डाॅक्टर अपनी कोशिशें पूरी कर रहे हैं ,लेकिन दूसरी ओर मंत्री जी के ऐसे बयान उनकी हिम्मत तोड रहे हैं।

उन्होंने कहा कि इस राज्य में पहले से ही स्वास्थय सेवाओं का टोटा बना हुआ है। यहां बिना इलाज मिले लोग रोज दम तोड रहे हैं। कहीं बेड नहीं है,कहीं आॅक्सीजन नहीं है,कहीं डाॅक्टर नहीं है तो ,कहीं अन्य सुविधाएं नहीं हैं जिसका असर मरीजों पर पड रहा है। उन्होंने कहा कि ये सरकार पूरी तरह फेल हो चुकी है जो सिर्फ केन्द्र और अन्य औद्योगिक घरानों के रहमो करम पर टिकी हुई है। इस सरकार के अपने संसाधन कुछ नही है। इस राज्य की स्वास्थय सेवाएं पहले से ही भगवान भरोसे चल रही थी जो अब भी जारी है।

यहां लोग अपने ही बलबूते अपना इलाज करवा रहे हैं। सरकार के सारे दावे फेल हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना का कहर बीते एक साल से है लेकिन राज्य सरकार ने इस महामारी को हल्के में लिया। अगर सरकार गंभीर होती तो ऐसे मौतों के आंकडें रोज नहीं बढते । उन्होंने कहा कि कुंभ के बाद से प्रदेश में हालात और ज्यादा खराब हो गए हैं। राज्य में कोरोना के सबसे ज्यादा मामले कुंभ से ही फैले लेकिन राज्य सरकार की नीतियां कारगर होती तो आज मौतों का आंकडां इतना नहीं बढता। अपनी सरकार की नाकामियां दिखाने के बजाए मंत्री जी को शमशान दिख रहे हैं। शर्म आनी चाहिए ऐसे कैबिेनेट के सदस्यों को जो जनता को माकूल इलाज तो दे नही पाते और उपर से लोगों की हिम्मत जरुर तोडने का काम कर रहे हैं।
अगर बीजेपी के नेताओं में थोडी भी गैरत है तो अस्पतालों में जाकर लोगों की समस्याएं जाननी चाहिए कि कैसे लोग बिना इलाज के लिए आज सांसों के लिए मोहताज हैं। अगर सरकार की नीयत साफ होती तो आज हर किसी को बेहतर इलाज मिल रहा होता । लेकिन बीजेपी के नेताओं को मीडिया में बने रहेन की आदत है और खासकर वंशीधर भगत को जिनकी बातों का कोई सर पैर नहीं होता। आप पार्टी ये अपील करती है मरीजों को जीते जी समुचित इलाज का प्रबंधन सरकार द्वारा किया जाना चाहिए,अस्पतालों में व्यवस्थाएं दुरस्त करते हुए ऑक्सीजन,आईसीयू,वेंटिलेटर समेत तमाम व्यवस्थाएं जल्द से जल्द सरकार और उनके मंत्रियों को करना चाहिए ताकि कम से कम लोग मर सके और कोरो ना को मात दे सके ।

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