मुर्मू की जीत से ज्यादा यशवंत सिन्हा की हार के चर्चे, तीन बिंदुओं में जानें कहां हुई चूक?
द्रौपदी मुर्मू देश की अगली राष्ट्रपति होंगी। तीन दौर की मतगणना के बाद ही उन्होंने विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा पर निर्णायक बढ़त बना ली। आखिरी राउंड की मतगणना के बाद उन्हें विजेता घोषित कर दिया गया। वहीं, सिन्हा पहले राउंड में ही रेस से बाहर हो गए थे। यूं तो पहले से ही आंकड़े मुर्मू के पक्ष में थे, लेकिन यशवंत सिन्हा इस तरह से हारेंगे यह किसी ने नहीं सोचा था। यही कारण है कि द्रौपदी मुर्मू की जीत से ज्यादा अभी यशवंत सिन्हा की हार के चर्चा हो रहे हैं।
वहीं, यशवंत सिन्हा को 208 सांसदों के वो मिले। इनकी वैल्यू 1,45,600 रही। यानी संसद में मुर्मू को 72 फीसदी सांसदों का समर्थन हासिल हुआ है, जबकि यशवंत सिन्हा के लिए सिर्फ 28 फीसदी सांसदों ने ही वोट डाला। खास बात ये है कि विपक्ष के 17 सांसदों ने द्रौपदी मुर्मू के पक्ष में क्रॉस वोटिंग की। मतलब पहले राउंड में ही सिन्हा रेस से बाहर हो गए थे।


