वोट बैंक की राजनीति छोड़कर सामाजिक सुधार पर दें ध्यान: पीएम मोदी की कार्यकर्ताओं को सलाह
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें केवल वोट बैंक की राजनीति तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि समाज में सकारात्मक सुधार लाने के लिए निरंतर प्रयास करने चाहिए। उन्होंने राजनीतिक कार्यकर्ताओं को समाज में मौजूद कुरीतियों और बुराइयों के खिलाफ मिलकर काम करने की सीख दी है।

वाराणसी से वडनगर तक निकाली जा रही सेवा यात्रा के प्रतिभागियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संवाद करते हुए प्रधानमंत्री ने महात्मा गांधी के जीवन का उदाहरण साझा किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार महात्मा गांधी ने स्वतंत्रता संग्राम की अगुवाई करने के साथ-साथ सामाजिक सुधारों को भी अपने जीवन का मुख्य हिस्सा बनाया था और कुरीतियों के विरुद्ध आवाज उठाई थी।
दीनदयाल उपाध्याय के सात सिद्धांतों को अपनाने का आह्वान
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने कार्यकर्ताओं को पंडित दीनदयाल उपाध्याय के सात प्रमुख सिद्धांतों—सेवा, संतुलन, संयम, समन्वय, सकारात्मकता, संवेदनशीलता और संवाद—को अपने जीवन में उतारने की सलाह दी। उन्होंने पिछले 12 वर्षों में देश के भीतर हुए बदलावों का जिक्र करते हुए कहा कि गांवों और शहरों के बीच की खाई कम हुई है तथा ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे का विकास तेजी से हुआ है। इसके अलावा, उन्होंने महिलाओं के बीच बढ़ती आत्मनिर्भरता की भी सराहना की।
स्वच्छता और मेक इन इंडिया की उपलब्धियां
प्रयागराज में स्वच्छता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले स्वच्छता कर्मियों की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उनके प्रयासों से ही कुंभ मेले की स्वच्छता को वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान मिली है। इसके साथ ही, ‘मेक इन इंडिया’ पहल के 12 वर्ष पूरे होने पर उन्होंने देश में उत्पादन, निवेश और निर्यात में हुई वृद्धि को रेखांकित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत को पूर्ण रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए हर चुनौती का सामना सेवा और समर्पण भाव के साथ करना होगा।


